Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट दरà¥à¤¦ (à¤à¤¬à¥à¤¡à¥‹à¤®à¤¿à¤¨à¤² पेन) | Pregnancy Me Pet Dard
IN THIS ARTICLE
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है? | Pregnancy Me Pet Me Dard
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट दरà¥à¤¦ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के सामानà¥à¤¯ कारण | Pregnancy Me Pet Dard Kyu Hota Hai
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के गंà¤à¥€à¤° कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होना कब चिंता का विषय बन सकता है?
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पेट में होने वाले दरà¥à¤¦ का इलाज | Pregnancy Me Pet Dard Ka Ilaj
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट में दरà¥à¤¦ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
जैसे ही कोई महिला गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होती है, उसमें कई तरह के शारीरिक बदलाव आने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं। इन बदलावों के साथ-साथ उसे कई तरह की शारीरिक परेशानियों से à¤à¥€ गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ता है। इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ परेशानियों में से à¤à¤• है पेट दरà¥à¤¦, जिससे अमूमन हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला परेशान रहती है। वह अकà¥à¤¸à¤° इसकी शिकायत अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से करती हैं और इलाज à¤à¥€ कराती हैं। इसके अलावा, कई महिलाà¤à¤‚ तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले पेट दरà¥à¤¦ की वजह से अपने बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर à¤à¥€ चिंतित रहती हैं। इसलिà¤, हम मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के विषय पर विसà¥à¤¤à¤¾à¤° बात करेंगे।
आइà¤, पहले यह जानते हैं कि पेट में दरà¥à¤¦ होना कोई गंà¤à¥€à¤° विषय तो नहीं है।
कà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है? | Pregnancy Me Pet Me Dard
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है। पहली तिमाही, दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही में पेट दरà¥à¤¦ व à¤à¤‚ठन की समसà¥à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ को बनी रहती है, लेकिन हर तिमाही के दौरान होने वाले पेट दरà¥à¤¦ के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। जहां पहली तिमाही में कबà¥à¤œ व रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ की तेजी से पेट में दरà¥à¤¦ हो सकता है, तो वहीं दूसरी और तीसरी तिमाही में बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ के कारण पेट में होने वाले खिंचाव से दरà¥à¤¦ हो सकता है।
अगर आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ चल रही है तो पेट में मामूली दरà¥à¤¦, मरोड़ व à¤à¤‚ठन होना सामानà¥à¤¯ होता है, लेकिन अगर यह दरà¥à¤¦ तीवà¥à¤° व असहनीय हो, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
आइà¤, अब जानते हैं कि पेट में कितने पà¥à¤°à¤•ार के दरà¥à¤¦ हो सकते हैं।
वापस ऊपर जाà¤à¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट दरà¥à¤¦ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपको पेट में कई जगह दरà¥à¤¦ हो सकता है। कà¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ तेज हो सकता है, तो कà¤à¥€ हलà¥à¤•ा। कà¤à¥€-कà¤à¥€ शरीर में मौजूद अंगों का दबाव à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। नीचे हम पेट दरà¥à¤¦ के इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ पà¥à¤°à¤•ारों के बारे में बता रहे हैं।
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ ( pregnancy me pet ke upari hisse me dard ) : यह पसलियों के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ और नाà¤à¤¿ के बीच में होने वाला दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ के बाईं ओर दरà¥à¤¦ : यह पसलियों के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ और नाà¤à¤¿ के बीच में होने वाला दरà¥à¤¦ होता है, जैसे पà¥à¤²à¥€à¤¹à¤¾, पैनकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का अंतिम à¤à¤¾à¤—, बाईं ओर की निचली पसलियां, बाà¤à¤‚ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, बड़ी आंत व पेट का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ आदि।
पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ के दाईं ओर दरà¥à¤¦ : यह दाà¤à¤‚ निपà¥à¤ªà¤² से नाà¤à¤¿ तक होने वाला दरà¥à¤¦ होता है। इस ओर लिवर, फेफडे़ का निचला à¤à¤¾à¤—, किडनी जैसे अंग होते हैं, इस वजह से कà¤à¥€-कà¤à¥€ यह दरà¥à¤¦ हो सकता है।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ ( pregnancy me pet ke nichle hisse me dard ): यह नाà¤à¤¿ से नीचे की ओर होने वाला दरà¥à¤¦ है। यह दरà¥à¤¦ किसी मेडिकल समसà¥à¤¯à¤¾ के चलते हो सकता है।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के बाईं ओर दरà¥à¤¦ : यह निचले दाईं ओर के दरà¥à¤¦ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है। इसका कारण किडनी का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, अंडाशय, फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब व मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की बनावट हो सकती हैं।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के दाईं ओर दरà¥à¤¦ : यह पेट के निचले दाà¤à¤‚ à¤à¤¾à¤— में होना वाला दरà¥à¤¦ हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ हलà¥à¤•ा à¤à¥€ हो सकता है और तेज à¤à¥€à¥¤ यह दरà¥à¤¦ कà¤à¥€-कà¤à¥€ बाईं ओर या पीछे की ओर à¤à¥€ फैल सकता है।
आइà¤, अब नजर डालते हैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के कà¥à¤› सामानà¥à¤¯ कारणों पर।
वापस ऊपर जाà¤à¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के सामानà¥à¤¯ कारण | Pregnancy Me Pet Dard Kyu Hota Hai
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में यकीनन पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ काफी परेशान करती है। à¤à¤¸à¥‡ में इसके पीछे के कारणों के बारे में जानना जरूरी है।
गोल असà¥à¤¥à¤¿à¤¬à¤‚ध दरà¥à¤¦ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में जैसे-जैसे गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ बढ़ता है, गोल असà¥à¤¤à¤¿à¤¬à¤‚ध यानी लिगामेंट में खिंचाव पड़ने लगता है। यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° दूसरी तिमाही में होता है। अमूमन, हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ पर यह दरà¥à¤¦ तेज हो सकता है (1), लेकिन दरà¥à¤¦ असहनीय हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
गैस और कबà¥à¤œ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बढ़ने से पाचन तंतà¥à¤° कमजोर होने लगता है, जिस कारण गैस और कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसके चलते à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ होता है। इससे राहत पाने के लिठआपको फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन करना चाहिठऔर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीना चाहिठ(2)।
बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ : यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° दूसरी और तीसरी तिमाही में होता है, जिसके चलते पेट में संकà¥à¤šà¤¨ जैसा महसूस होता है। यह संकà¥à¤šà¤¨ 30 सेकंड से लेकर à¤à¤• मिनट तक का हो सकता है (3)।
बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बढ़ता गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ का कारण बन सकता है। इस कारण जी-मिचलाना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है (4)।
ऑरà¥à¤—ेजà¥à¤® के दौरान दरà¥à¤¦ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सहवास के दौरान ऑरà¥à¤—ेजà¥à¤® तक पहà¥à¤‚चने के कारण à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह चिंता का विषय नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान काफी हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
इसके अलावा, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी, पेट के वायरस, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤‡à¤¡ या फिर किसी तरह के à¤à¥‹à¤œà¤¨ से संवेदनशीलता के चलते à¤à¥€ पेट में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
लेख के अगली हिसà¥à¤¸à¥‡ में आप जानेंगे कि इस दरà¥à¤¦ के पीछे मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ के गंà¤à¥€à¤° कारण
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी : इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥à¤°à¥‚ण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की जगह फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब से जà¥à¤¡à¤¼ जाता है (5)। जिन महिलाओं में à¤à¤¸à¤¾ होता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अकà¥à¤¸à¤° पेट में दरà¥à¤¦ होता है।
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ यानी यूटीआई à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ का कारण हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में पेशाब के दौरान जलन या फिर जी-मिचलाना जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं (6)।
अपेंडिसाइटिस : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान अपेंडिसाइटिस à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। इसका निदान करना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है। à¤à¥‚ख की कमी, मितली व पेट दरà¥à¤¦ इसके लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं (7)।
समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लकà¥à¤·à¤£ : अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤, तो यह समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। यह संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¤• घंटे में चार या पांच बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकता है। इस दौरान आपको पेट में दरà¥à¤¦ (मासिक धरà¥à¤® जैसा दरà¥à¤¦), योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ जैसा महसूस हो सकता है (8)। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पथरी : वहीं, जिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को पितà¥à¤¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पथरी होती है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ बनी रहती है।
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में 20वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले à¤à¥à¤°à¥‚ण की मृतà¥à¤¯à¥ को गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ कहा जाता है। इस दौरान, योनि से रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है, जिस कारण कà¥à¤› घंटों से लेकर कà¥à¤› दिनों तक पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ पहली तिमाही में होता है, लेकिन किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ विशेष कारणों से दूसरी तिमाही में à¤à¥€ गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ हो सकता है (9)।
पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही मे पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है। यह उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª और यूरिन में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ने के कारण होता है। पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥‡à¤®à¥à¤ªà¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ होने पर गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠतक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ व रकà¥à¤¤ नहीं पहà¥à¤‚चता है। à¤à¤¸à¤¾ होने पर पेट में दरà¥à¤¦, तेज सिर दरà¥à¤¦, सांस लेने में परेशानी व चेहरे पर सूजन जैसे लकà¥à¤·à¤£ नजर आ सकते हैं (10)।
पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा का टूटना : पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¤• जीवनदायनी थैली होती है, जो शिशॠकी रकà¥à¤·à¤¾ करती है। जब यह थैली गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से हटने लगती है, तब पेट दरà¥à¤¦ होता है। à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° तीसरी तिमाही में होता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ की तà¥à¤°à¤‚त सिजेरियन डिलीवरी करने का फैसला लेना पड़ता है। à¤à¤¸à¤¾ अमूमन उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª या फिर पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टल अबà¥à¤°à¤ªà¥à¤¶à¤¨ के कारण होता है (11)।
आइà¤, अब पता करते हैं कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ कब परेशानी का सबब बनता है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में दरà¥à¤¦ होना कब चिंता का विषय बन सकता है?
यहां हम हर तिमाही के हिसाब से बताà¤à¤‚गे कि कब यह चिंता का विषय बन सकता है। इन सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में महिला को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देरी न करते हà¥à¤ तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ:
1. पहली तिमाही
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ होना आम है। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¥‹à¤‚ के दौरान पेट में तेज दरà¥à¤¦ व मरोड़ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ हो, तो यह गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। इसलिà¤, तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ : गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बाहर विकसित हà¥à¤ˆ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ यानी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¥€à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी कहते हैं। यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जिसमें पेट दरà¥à¤¦ जोर से होता है। यह à¤à¤• तरफ से शà¥à¤°à¥‚ होकर पूरे पेट में फैल जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से उपचार करवाना चाहिठ(5)।
2. दूसरी तिमाही
दूसरी तिमाही में थोड़ा बहà¥à¤¤ पेट दरà¥à¤¦ होना चिंता का विषय नहीं होता। इस तिमाही में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा कम होता है, लेकिन आशंका बनी रहती है। अगर 12वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच पेट में तेज मरोड़ के साथ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग हो, तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिठ(12)।
3. तीसरी तिमाही
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में पेट दरà¥à¤¦ होने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे पहला तो यह कि अब पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आ रहा है, जिस कारण शरीर लचीला हो रहा है। इसके अलावा, इस दौरान सबसे बड़ा चिंता का कारण होता है समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होना। अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ का समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ होने वाला हो, तो इस दौरान पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में तेज दरà¥à¤¦, पेट में हलà¥à¤•े मरोड़ और दसà¥à¤¤ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ होने पर तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
चलिà¤, अब नजर डालते हैं कि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पेट दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ इलाज है।
वापस ऊपर जाà¤à¤
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में पेट में होने वाले दरà¥à¤¦ का इलाज | Pregnancy Me Pet Dard Ka Ilaj
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ होने पर à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ बरतने की जरूरत है। इस दौरान, हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है, जो चिंता का विषय नहीं होता। वहीं, अगर यह दरà¥à¤¦ बहà¥à¤¤ देर से और तेज हो रहा हो, तो लापरवाही न बरतते हà¥à¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ फिलहाल, नीचे हम इस दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठकà¥à¤› टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जो गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ के काम आ सकते हैं :
पेट के जिस हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो रहा है, वहां गरà¥à¤® पानी की बोतल रखकर सिकाई करने से आराम मिल सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि यह पानी खौलता हà¥à¤† न हो।
जैसा कि हमने बताया गैस और कबà¥à¤œ पेट दरà¥à¤¦ का कारण हो सकते हैं। इसलिà¤, इनसे राहत पाने के लिठफाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खाना खाà¤à¤‚ (2)।
खà¥à¤¦ को थकाà¤à¤‚ नहीं और जितना हो सके आराम करें। आराम करने से पेट दरà¥à¤¦ में राहत मिलेगी।
à¤à¤¸à¤¾ कोई à¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ न खाà¤à¤‚, जिससे पेट में गैस बने, जैसे गोà¤à¥€, à¤à¤¿à¤‚डी, बीनà¥à¤¸ व आलू आदि (13)।
दिन à¤à¤° में लगà¤à¤— आठसे दस गिलास पानी पिà¤à¤‚ और फलों के रस का सेवन करें।
à¤à¤• बार में इकटà¥à¤ ा à¤à¥‹à¤œà¤¨ न करके धीरे-धीरे चार से पांच बार à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें। इससे आपको पचाने में आसानी रहेगी।
इलाज के बारे में जानने के बाद आइà¤, नजर डालते हैं कि आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤à¥¤
वापस ऊपर जाà¤à¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट में दरà¥à¤¦ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤
अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पेट में तेज दरà¥à¤¦ होता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने में देर न करें। नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से अगर à¤à¤• à¤à¥€ दिखाई दे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त संपरà¥à¤• करें :
अगर पहली तिमाही में तेज व लगातार पेट दरà¥à¤¦ के साथ सफेद पानी, बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग नजर आà¤à¥¤
पेट दरà¥à¤¦ के साथ जी-मिलाने या चकà¥à¤•र आने पर।
हाथ-पैरों में सूजन बढ़ जाने पर।
पेशाब करते समय जलन या दरà¥à¤¦ महसूस होने पर।
बà¥à¤–ार जैसा महसूस होने पर या बेमौसम ठंड लगने पर।
à¤à¤• घंटे में चार बार से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संकà¥à¤šà¤¨ होने पर। यह समय से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
जैसा कि हमने बताया गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में पेट दरà¥à¤¦ होना सामानà¥à¤¯ है, जिसके लिठपरेशान होने की जरूरत नहीं है। फिर à¤à¥€ सावधानी बरतना बेहतर होता है। इसलिà¤, आप इस दरà¥à¤¦ के बारे में समय-समय पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करते रहें, ताकि डॉकà¥à¤Ÿà¤° समय रहते समसà¥à¤¯à¤¾ को पकड़ लें और सही इलाज कर सके।
वापस ऊपर जाà¤à¤
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤à¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान किसी अनà¥à¤¯ कारण से पेट दरà¥à¤¦ हो सकता है?
हां, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कई तरह के पेट दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ होते है, जैसे – पेट फूलने के कारण पेट दरà¥à¤¦, बà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤Ÿ हिकà¥à¤¸ संकà¥à¤šà¤¨ के कारण पेट दरà¥à¤¦, गैस और कबà¥à¤œ के कारण होने वाला दरà¥à¤¦à¥¤ अमूमन इस तरह के दरà¥à¤¦ चिंता का विषय नहीं होते, लेकिन दरà¥à¤¦ तेज हो और असहनीय हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
मैं कà¥à¤¯à¤¾ करूं अगर मà¥à¤à¥‡ तबीयत खराब लगे और पेट दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो?
जरूरी नहीं कि आपको पेट दरà¥à¤¦ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के कारण ही हो। इसके पीछे अपेंडिसाइटिस, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की पथरी, यूटीआई, ओवेरियन सिसà¥à¤Ÿ, गैस व कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में सबसे पहले पेट दरà¥à¤¦ के कारणों का पता लगाना जरूरी है। तबीयत ठीक महसूस न होने पर à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाना जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी à¤à¥€ बात को हलà¥à¤•े में नहीं लिया जा सकता। डॉकà¥à¤Ÿà¤° तबीयत खराब लगने और पेट दरà¥à¤¦ के कारणों की जांच कर उचित उपचार करेंगे।
वापस ऊपर जाà¤à¤
यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पढ़ने के बाद इतना तो कहा जा सकता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौराना हलà¥à¤•ा पेट दरà¥à¤¦ चिंता का कारण नहीं है। हां, अगर दरà¥à¤¦ तेज व लगातार होता है, तो बिना देरी किठडॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤ साथ ही खान-पान व सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर इस समसà¥à¤¯à¤¾ से पूरी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बचा जा सकता है। इसलिà¤, अगर आप à¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो अपना धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें और किसी à¤à¥€ तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ से खà¥à¤¦ को बचाकर रखें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ से संबंधित à¤à¤¸à¥€ ही और जानकारियों के लिठजà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रहें हमारे साथ।
| --------------------------- | --------------------------- |